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प्राइवेट हॉस्पिटल के महंगे इलाज से परेशान मरीज ने अस्पताल में रखा 'बम दहशत का बनाया माहौल

प्राइवेट हॉस्पिटल के महंगे इलाज से परेशान  मरीज ने अस्पताल में रखा 'बम दहशत का बनाया माहौल 


शेखर खान "पत्रकार"


प्राइवेट हॉस्पिटल के महंगे इलाज और बढ़ते बिल से परेशान होकर आम आदमी ने अस्पताल को सबक सिखाने के लिए रखा बम


महाराष्ट्र में पुणे की एंटी टेररिज्म स्क्वॉड ने नागपुर से शिवाजी राठोड़ नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. उस पर पुणे के हडपसर स्थित 'उषा किरण' अस्पताल में नकली बम रखकर दहशत फैलाने और ब्लैकमेल करने का आरोप है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने इलाज के भारी-भरकम बिल से नाराज होकर बदला लेने के इरादे से इस घटना को अंजाम दिया था. हॉस्पिटल में तब हड़कंप मच गया, जब परिसर में नकली बम बरामद किया गया. आरोपी ने कथित तौर पर इलाज के बिल से नाराज होकर अस्पताल में एक नकली बम रखा दिया था. आरोप है कि आर्थिक विवाद से नाराज आरोपी ने हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पर दबाव बनाने के लिए बाथरूम में एक संदिग्ध उपकरण रख दिया. जांच में सामने आया है कि उसने धमकी देने के इरादे से नकली बम तैयार किया था. 

पुणे पुलिस के अमितेश कुमार का कहना हैं कि आरोपी शिवाजी राठौड़ 10 मई को एक सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के इलाज के लिए उषा किरण अस्पताल आया था. इलाज के दौरान उसे करीब 7 लाख रुपये का बिल थमाया. राठौड़ का मानना था कि अस्पताल प्रशासन उसका आर्थिक शोषण कर रहा है, जिसे लेकर उसने बदला लेने की साजिश रची थी. पुलिस 

अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल के बाथरूम से बरामद उपकरण कोई असली विस्फोटक नहीं था. आरोपी का मकसद सिर्फ दहशत का माहौल बनाना था. जांच में खुलासा हुआ है कि राठौड़ ने अस्पताल के बाथरूम में संदिग्ध उपकरण रखा था. उसने डिवाइस बनाने के लिए 150 रुपये का टाइमर खरीदा था।

भारत सरकार को चाहिए की प्राइवेट हॉस्पिटल के बिलों को और इलाज में हुए खर्चो को ध्यान में रख कर हॉस्पिटल में बनने वाले  बिलों के ऊपर निगरानी रखे 

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