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बुलडोजर कार्यवाही पर गहराता विवाद: क्या यह न्याय है या किसी गरीब की बर्बादी? ​

बुलडोजर कार्यवाही पर गहराता विवाद: क्या यह न्याय है या किसी गरीब की बर्बादी?


शेखर खान "पत्रकार"

अमरकंटक जिला अनूपपुर 

देश में लगातार बढ़ती 'बुलडोजर संस्कृति' एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और विचलित करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस प्रशासनिक कार्रवाई के पीछे छिपे मानवीय दर्द को उजागर कर दिया है।

वायरल वीडियो में एक गरीब महिला, जो पारंपरिक पहनावे में है, अपने आशियाने को बचाने के लिए बेबस और लाचार होकर अधिकारियों के सामने गुहार लगा रही है। वह हाथ में एक डंडा लेकर अपनी झोपड़ी के आगे खड़ी हो जाती है और रोते-बिलखते हुए उसे न तोड़ने की भीख मांगती है। 



महिला का यह उग्र और दर्दनाक रूप देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। लेकिन, प्रशासन की बेरहमी के आगे उसकी एक न चली। वीडियो के अगले ही हिस्से में एक पीला बुलडोजर (JCB) उस गरीब के आशियाने और जमा पूंजी को बेरहमी से ढहाता हुआ नजर आ रहा है।

​"गरीब का आशियाना छीनने वालों, तुम्हारी खुशी ज्यादा दिन नहीं रहेगी"

​इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूज़र्स इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक वर्ग का कहना है कि जो लोग इस 'बुलडोजर संस्कृति' पर तालियां बजाते हैं और खुश होते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि आज किसी गरीब का सिर से छत छीन ली गई है। 

लोगों का कहना है, "दूसरों की बर्बादी पर खुश होने वालों, तुम्हारी यह खुशी ज्यादा दिन तक नहीं टिकेगी, क्योंकि वक्त का पहिया सबका हिसाब करता है।"

​कानूनी प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

​यह घटना एक बार फिर कानून के राज पर बड़े सवाल खड़े करती है:

​क्या किसी भी निर्माण को अवैध बताकर बिना पुख्ता वैकल्पिक व्यवस्था के ढहा देना सही है?

​क्या कानून की नजर में एक गरीब के घर की कोई कीमत नहीं है?

​क्या यह कार्रवाई न्याय है या सिर्फ सत्ता और ताकत का प्रदर्शन?

​विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों का हमेशा से यह आरोप रहा है कि बुलडोजर की यह त्वरित कार्रवाई अक्सर समाज के सबसे निचले और कमजोर वर्ग को निशाना बनाती है। जहां एक तरफ रसूखदारों के अवैध निर्माणों पर आंखें मूंद ली जाती हैं, वहीं एक गरीब की जिंदगी भर की कमाई को मिनटों में मलबे में तब्दील कर दिया जाता है।

यह वायरल वीडियो इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब बुलडोजर चलता है, तो वह सिर्फ कंक्रीट के मकान को नहीं तोड़ता, बल्कि उसके साथ एक परिवार के सपने, उनकी सुरक्षा और उनका आत्मसम्मान भी जमींदोज हो जाता है। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन इस पर क्या सफाई देता है और क्या इस बेघर हुई महिला को कोई न्याय मिल पाएगा।

शहर में ऐसे कई सफेद पोस लोगों के मकान है जो अवैध है सरकारी जगह पर बने हैं सरकारी नाले के ऊपर बने हैं उन पर शासन JCB क्या उंगली दिखाने से भी डरती है

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