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भोपाल से उड़ा दुर्लभ गिद्ध 7 दिन में पहुंचा पाकिस्तान घायल हालत में मिला

भोपाल से उड़ा दुर्लभ गिद्ध 7 दिन में पहुंचा पाकिस्तान घायल हालत में मिला

तूफान में घायल पक्षी का पाकिस्तान में इलाज जारी भारत.पाकिस्तान के बीच वन्यजीव संरक्षण में सहयोग की मिसाल



शेखर खान "पत्रकार"

मीनेश जैन "पत्रकार"

मध्यप्रदेश की राजधानी स्थित वन विहार नेशनल पार्क से छोड़ा गया एक दुर्लभ सिनेरियस गिद्ध महज 7 दिनों में लगभग 1100 से 1274 किलोमीटर की उड़ान भरकर पाकिस्तान के खानेवाल जिला पहुंच गया। इस दौरान गिद्ध ने मध्यप्रदेश से राजस्थान होते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की।


वन विभाग के अनुसारए गिद्ध को 30 मार्च 2026 को भोपाल के हलाली डैम क्षेत्र से जीपीएस ट्रैकर लगाकर छोड़ा गया थाए ताकि उसके मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। 7 अप्रैल को अचानक जीपीएस सिग्नल बंद हो गयाए जिसके बाद उसकी लोकेशन ट्रेस करने पर पता चला कि वह पाकिस्तान में है।


बताया जा रहा है कि रास्ते में आए तेज तूफान और ओलावृष्टि के कारण गिद्ध घायल हो गया था। पाकिस्तान के खानेवाल जिले में स्थानीय लोगों ने उसे घायल अवस्था में देखा और वन्यजीव अधिकारियों को सूचना दी। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए गिद्ध का रेस्क्यू किया और उसे वल्चर कैप्टिव ब्रीडिंग सेंटर में भर्ती करायाए जहां उसका इलाज जारी है और अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।


इस पूरे घटनाक्रम में  WWF-India ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था ने तुरंत WWF-Pakistan से संपर्क कर गिद्ध की पहचान और लोकेशन साझा कीए जिसके बाद रेस्क्यू संभव हो सका।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना गिद्धों की अद्भुत उड़ान क्षमता और दिशा पहचानने की क्षमता को दर्शाती है। साथ ही यह भारत और पाकिस्तान के बीच वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग का एक सकारात्मक उदाहरण भी है।


उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी वन विहार से छोड़ा गया एक गिद्ध करीब 4300 किलोमीटर की दूरी तय कर कजाकिस्तान पहुंच गया था। यह लगातार सामने आ रही घटनाएं गिद्ध संरक्षण कार्यक्रम की सफलता को दर्शाती हैं।

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