शहडोल की बेटियों का परचम: अदीबा अंसारी की ऐतिहासिक सफलता, माता तरन्नुम अंसारी व पिता सिद्दीक अंसारी के संस्कारों की मिसाल; समीरा बानो ने भी बढ़ाया माता पिता का मान
शेखर खान "पत्रकार"
शहडोल जिले में घोषित बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि यहां की बेटियां प्रतिभा, परिश्रम और मजबूत पारिवारिक संस्कारों के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। अदीबा अंसारी और समीरा बानो की उल्लेखनीय सफलता ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है, जिसमें अदीबा अंसारी की उपलब्धि विशेष रूप से चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
सेंट एलोसियस स्कूल की मेधावी छात्रा अदीबा अंसारी ने सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं में 83 प्रतिशत अंक अर्जित कर शानदार सफलता हासिल की है। अदीबा ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन से यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी यह सफलता उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
अदीबा की इस उपलब्धि के पीछे उनके पिता मोहम्मद सिद्दीक अंसारी और माता तरन्नुम अंसारी का अतुलनीय योगदान रहा है। पिता ने जहां हर कदम पर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया, वहीं माता तरन्नुम अंसारी ने अपने स्नेह, देखभाल और मजबूत संस्कारों से बेटी को हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
दोनों ने मिलकर जिस प्रकार अदीबा को शिक्षा के प्रति समर्पित किया, वह समाज के लिए एक आदर्श उदाहरण बन गया है। सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी की पढ़ाई में कोई कमी न आने देना, उनकी सोच और समर्पण को दर्शाता है।
वहीं, सेंट जूड्स क्रिश्चियन मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रतिभाशाली छात्रा समीरा बानो ने कक्षा 12वीं (वाणिज्य संकाय) में 80.4 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रथम श्रेणी में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कुल 500 में से 402 अंक हासिल किए। बिजनेस स्टडीज में 91 अंक, अकाउंटेंसी में 86 अंक और अंग्रेजी में डिस्टिंक्शन प्राप्त कर उन्होंने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक क्षमता का परिचय दिया। उनकी यह सफलता उनके अनुशासन, कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
समीरा बानो के पिता इकराम खान एवं माता सफीना बेगम ने बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। दोनों परिवारों में इस सफलता को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है।
परिणाम घोषित होते ही दोनों छात्राओं को बधाइयाँ देने वालों का तांता लग गया। शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों ने इनकी सफलता को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसी बेटियां और ऐसे अभिभावक ही क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।
शहडोल की इन होनहार बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि अगर परिवार का सहयोग, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास हो, तो सफलता निश्चित है। अदीबा अंसारी, उनके माता-पिता सिद्दीक अंसारी एवं तरन्नुम अंसारी, तथा समीरा बानो आज क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुके हैं और आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने का हौसला दे रहे

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